11/27/19

Hindi Poems On Close Friend जन्म लिए हम साथ साथ

जन्म लिए  हम  साथ  साथ 


हिंदी -कविता
 Hindi Poem
जन्म लिए  हम  साथ  साथ  
और साथ साथ हम बड़े हुए
रास्ता  भी  एक है  मंजिल भी एक है

पर कैसा किस्मत  है अपना  
कभी मिलन ना हुआ अपना
मानते  है  निर्जीव  है  हम
सब जानते है कठोर भी है
जीवन की घड़ियां ,साथ चले 
पर तुझसे कितना दूर है हम

जब कोई पथिक गुजरता है
मेरी पतली सी राहो से 
तब जी करता है ख़ुद भी दौडूं 
हर गलियो से चौराहो से 
कही भी मुझको मिल जाती
एक बार दीदार जो हो जाता

इस निर्जीव सी काया में 
सजीव सा जान को पा लेता
किसी जंक्शन पर तुझको छेड़ूँ
दो पल तेरे पास, फिर दूर है हम
जीवन की घड़ियां ,साथ चले 
पर तुझसे कितना दूर है हम

हम तुझसे दूरी को अपना
हथियार बनाकर जीते है
तू मुझको न मिल पाएगी 
 पर यह प्रतिज्ञा लेते है

हम बिछड़ो को मिलाने को
अब बना लिए दस्तूर है हम
जीवन की घड़ियां साथ चले
पर तुझसे कितना दूर है हम

लेखक -मनीष कुमार तिवारी 

Post a Comment