Wednesday, December 4, 2019

Latest Hindi Poem On Angry Ma RANCHANDIKA *** आज इस देश मे हो रहे कुकर्म के लिए मेरे शब्द ***

आज इस देश मे हो रहे कुकर्मो के लिए मेरे शब्द,, जो माँ रंचण्डिका का आह्वान कर रह हैं 



सवारी   सिंह  की   कर  के उठा ले फिर से तू तलवार माँ |

बहाकर रक्त की नदियां मचा दो फिर से हाहाकार माँ ||

जो मानव बन गया दानव तू कर उनका संघार माँ |

सवारी   सिंह  की   कर  के उठा ले फिर से तू तलवार माँ ||

तू माँ भी है , तूही बेटी तू नारी है, तुही सृष्टि |

की तूम हो प्रेम की सरिता तूही ममता की है वृष्टि ||

मगर बन आज रणचंडी तू बन जरा खूंखार माँ |

सवारी   सिंह  की   कर  के उठा ले फिर से तू तलवार माँ ||

दिखा दे काल रूप अपना तू भर जरा हुंकार माँ |

अधर्मी बच नही पाए ऐसा तू कर चीत्कार माँ ||

सवारी   सिंह  की   कर  के उठा ले फिर से तू तलवार माँ |

बता दे हर दरिंदे को की सामत गई उनकी ||

हो मंजर मौत का ऐसा जो भूले ना कभी संसार माँ |

सवारी   सिंह  की   कर  के उठा ले फिर से तू तलवार माँ ||

----- जय हिन्द जय भारत -----

कवि:- सैनिक मनीष कुमार तिवारी
मनी टैंगो 

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