Sunday, April 5, 2020

Best Poems By Manish Kumar Tiwari | Money Tango |

हमारे देश के एक उभरते कवि एवं सैनिक मनीष कुमार तिवारी  (मनी टैंगो ) ग्राम+पोस्ट-ईश्वरपुरा जिला-भोजपुर बिहार , देश सेवा में होते हुवे अपनी लेखनी से सबके सबके दिलों को जोश, उतशाह, एवं मंत्रमुघ्ध कर रहे हैं । एवं आप सबके प्यार और अपने निरंतर रचना के फलस्वरूप दिनांक 4 मार्च को इन्होने एक ऑनलाईन कवि सम्मेलन में हिस्सा लिया जिसमे इनकी प्रस्तुति की काफी सराहना हुई और पुरष्कार भी मिला | इनका facebook link :- Manish Kumar Tiwari




Manish kumar tiwari

1. अंगार लिख रहा हूँ


आज कविता नही 
उद्गार लिख रहा हु
हृदय में भरा है जो 
अंगार लिख रहा हु


माँ भारती के आखो का 
अश्रुधार लिख रहा हु
फिर से हुवा मानवता 
शर्मशार लिख रहा हु

उजड़ गया है फिर से 
एक परिवार लिख रहा हु
पिता की इज्जत , 
माँ की ममता फिर से हुवा
लाचार लिख रहा हु

आज कविता नही 
उद्गार लिख रहा हु 
भरा है जो हृदय में 
अंगार लिख रहा हु

नरभक्षी आजाद विचरते
हर गुड़िया से हैवानी करते
इंसानियत का बदलता 
व्यवहार लिख रहा हु


नारी शक्ति पर हुवा 
अत्याचार  लिख रहा हु
प्रियंका , निर्भया , आशिफ़ा 
लाचार लिख रहा हु

आज कविता नही 
उद्गार लिख रहा हु 
भरा है जो हृदय में 
अंगार लिख रहा हु

बहुत हो गया दरिया दिली
अब तो जागो नई दिल्ली
क्या अब भी है नपुंशक
सरकार लिख रहा हु?

न्याय की प्रक्रिया में हो
सुधार लिख रहा हु 
सम्मान से जीने का दे दो
अधिकार लिख रहा हु

आज कविता नही 
उद्गार लिख रहा हु 
भरा है जो हृदय में 
अंगार लिख रहा हु

ऐसा इनको झटका को
जो  युग का नया मिशाल बने
लाल किले पर लटका दो
जो नारी का अपमान करें
मैं प्रियंका के कातिलो का
अंतिम संस्कार लिख रहा हु

आज कविता नही
उद्गार लिख रहा हु 
हृदय में भर है जो 
अंगार लिख रहा हु।

2. संघर्ष




जब जनजीवन की पहिया 
संघर्ष के पथ पर चलती है
जब आखो को नींद न आये
और दिन में सपने दिखते है

जब मनुष्य को अपने ही
गलती से शिक्षा मिलती है
तब ही मेहनत की कलियां
सफलता के बाग में खिलती  हैं ।

कहना बहुत आसान है बंदे
करना बड़ा ही मुश्किल है
पर संघर्ष करने वालो का
एक ही लक्ष्य बस मंजिल है

जब निज आंसू मेहनत की
अग्नि में जाकर जलती है
जब वही आंसू संकल्पित हो
बनके पसीना बहती है 

तब ही मेहनत की कलियां
सफलता के बाग में खिलती  हैं ।
हर जीवन नही मानव होता
हर मानव नही साधक होता

जब तक तुम प्रयास करोगे
सफलता का आभास करोगे
इस दुनिया को करके किनारे
जब खुद पर विश्वास करोगे

कुछ तो खास दिया ईश्वर ने
ढुंढो जो तुझमे शक्ति है
तब ही मेहनत की कलियां
सफलता के बाग में खिलती  हैं ।

3. क्यों मुझसे नाराज हो तुम


क्या हो गई खता मुझसे
क्यो मुझसे नाराज हो तुम
यू नजरे छिपा कर के
क्यो मुँह को फुला कर के
क्यो मेरे खिलाफ हो तुम
क्या हो गई खता मुझसे
क्यो मुझसे नाराज हो तुम

मेरे दिल की धड़कन हो
जीवन की दर्पण हो
पूजा हो तर्पण हो
तुझको ही सोचता मैं 
मेरे दिल की ताज हो तुम
क्या हो गई खता मुझसे
क्यो मुझसे नाराज हो तुम

तुम्ही मेरी गीतों में 
हर हार जीतो में
मन के बगीचे में
जीवन आनंदमय का
एक एहसास हो तुम
क्या हो गई खता मुझसे
क्यो मुझसे नाराज हो तुम

Manish Kumar Tiwari 
| Money Tango |


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