6/19/20

हमारे देश के एक सुप्रसिद्ध कवि मनीष कुमार तिवारी ने लिखा बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के दिल की दुखभरी कहानी की एक झलक

poem by manish kumar tiwari


मैं डर कर कब तलक जीऊ 
कभी खुलकर भी जीने दो
कभी तो पोछ लो आकर 
मेरे आंसू और पसीने को

तुम्हारी जिंदगी में हर तरफ 
खुशिया ही खुशिया है
कभी हमको भी मौका दो
जरा सा मुस्कुराने को

सिसक कर के सहमकर के
मैं आखिर कब तलक जीता
अन्तर्मन के पीणा को मैं
आखिर किसको कह पाता


मैं जब भी गुनगुनाता था 
तो मुझको रोक देते थे
मेरे जज्बात के नदियों को
हरदम सोख देते थे

क्या मैं ही था मिला इनको
जहां में आजमाने को
कभी हमको भी मौक़ा दो
जरा सा मुस्कुराने को

ये दुनिया सोहरतो के साथ है 
पर मन परेशां क्यो 
यहां सब साथ रहते है तो
फिर ये डर हमेशा क्यो


क्या मन और आत्मा की
बंदगी से है अलग ये सब
अगर पैसा ही सब कुछ है
तो फिर ये प्रीत रिस्ता क्यो

क्यो सब कुछ पा लिए फिर भी
चले खुद को मिटाने को
क्यो तुमने छोड़ दी दुनिया
बताया क्या जमाने को

क्या तुमको था नही मालूम
बस ये दुनिया है सताने को
कभी हमको भी मौका दो 
जरा सा मुस्कुराने को



✍️मनीष कुमार तिवारी
ग्राम :- ईश्वरपुरा 
जिला :-भोजपुर (बिहार)

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