Friday, June 19, 2020

Best Poem खौल रहा है रक्त हमारा दुश्मन ने है फिर ललकारा आक्रोश हुए कवि मनीष कुमार तिवारी चाइना की करतूत पर

आक्रोशित फौजी की लिखी कविता :- रक्त से दुश्मन को नहलाकर सरहद पर जय घोष करेंगे.......



खौल रहा है रक्त हमारा,
दुश्मन ने है फिर ललकारा
जाकर उसको सबक सिखाऊं
जिसने सैनिक को है मारा

दो आशीष माँ तिलक लगाकर
खुश होकर माँ मुझे विदाकर
अबकी बारी सरहद पर हम
प्रलयकारी बन कूद पड़ेंगे

शिव तांडव होगा सरहद पर
माँ रणचंडी का आह्वान करेंगे
जय हिंद जय हिंद मंत्र हमारा
दुश्मन का घर शमशान करेंगे

आक्रोशित है नस नस मेरा
अब दुश्मन अफसोस करेंगे
रक्त से दुश्मन को नहलाकर
सरहद पर जय घोष करेंगे

यह पैसठ का नही है भारत
धमकी दे बच नही सकोगे
अबकी बारी जंग हुआ तो
चीनी तुम बेमौत मरोगे

खेल खेल में धैर्य की सीमा
अब तुमने तो तोड़ दिया है
भारत के सोए शेरो को
चीनी ने फिर से छेड़ दिया है

अंत समय आया है इनको
काट काट खामोश करेंगे
रक्त से दुश्मन को नहलाकर
सरहद पर जय घोष करेंगे

जब तक होगा प्राण देह में
दुश्मन से हम लोहा लेंगे
या रक्त से सिंचित कर सरहद
इस दुनिया से हम विदा ले लेंगे

ओढ़ कफ़न तिरंगे का हम
तनिक नही अफसोस करेंगे
देश प्रेम में मिट जाने को
हर युवा हृदय में जोश भरेंगे

रक्त से दुश्मन को नहलाकर
सरहद पर जय घोष करेंगे
रक्त से दुश्मन को नहलाकर
सरहद पर जय घोष करेंगे


✍️ मनीष कुमार तिवारी